हरिद्वार। क्षेत्र में विकास कार्यों के श्रेय को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत पर भाजपा के कार्यकाल में स्वीकृत विकास कार्यों का श्रेय लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन योजनाओं की पहल और स्वीकृति उनके विधायक एवं मंत्री रहते हुए हुई, उन्हें अब अपना काम बताकर वाहवाही लूटने की कोशिश क्यों की जा रही है? स्वामी ने कहा कि विकास कार्यों की वास्तविकता शासनादेशों और स्वीकृति के दस्तावेजों से सामने आनी चाहिए, न कि राजनीतिक दावों से।
बुधवार को जमालपुर कलां क्षेत्र में दयाल एन्क्लेव, रमा विहार और रुद्र विहार के मुख्य मार्गों समेत 19 सड़कों के निर्माण कार्य का शुभारंभ करते हुए स्वामी यतीश्वरानंद ने कांग्रेस विधायक पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि करीब साढ़े चार साल से सड़कें बदहाल थीं और क्षेत्र की लगभग पांच हजार की आबादी को परेशानी उठानी पड़ रही थी। क्षेत्रवासियों की समस्या को देखते हुए खनन विकास निगम के माध्यम से निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस विधायक पुराने कार्यों का श्रेय लेने में जुट गई हैं। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सड़कें बन जाने के बाद विधायक उनका भी फीता काट सकती हैं।
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रवासन नदी पुल की स्वीकृति को बताया पुरानी पहल का परिणाम
स्वामी यतीश्वरानंद ने रवासन नदी पर प्रस्तावित 250 मीटर लंबे पैदल स्टील ट्रस पुल की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति को भी अपनी पूर्व पहल से जोड़ा। उन्होंने बताया कि तत्कालीन विधायक एवं कैबिनेट मंत्री रहते हुए उन्होंने पुल का प्रस्ताव आगे बढ़ाया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 1038/2021 के अंतर्गत इसकी घोषणा की थी। अब 12 अक्टूबर 2026 को जारी शासनादेश के माध्यम से निर्माण के लिए 9 करोड़ 12 लाख 40 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है।
पुल के निर्माण से रसूलपुर, मंगोलपुरा, आर्यनगर और लालढांग क्षेत्र के लोगों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से पुल की मांग कर रहे ग्रामीणों के लिए यह महत्वपूर्ण परियोजना है। स्वीकृति मिलने के बाद रसूलपुर में धरने पर पहुंचे स्वामी यतीश्वरानंद की मौजूदगी में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार ने शासनादेश पढ़कर सुनाया। जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल सहित क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री और पूर्व मंत्री का आभार जताया।
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दस्तावेजों से तय हो विकास कार्यों का श्रेय
स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि क्षेत्र में विधायक भले ही दूसरी पार्टी की हों, लेकिन विकास कार्य रुकने नहीं चाहिए। उनके अनुसार गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयास पहले भी किए गए हैं और आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने कांग्रेस विधायक पर राजनीतिक लाभ के लिए पुराने कार्यों को अपना बताने का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास योजनाओं की शुरुआत, घोषणा, स्वीकृति और निर्माण की प्रक्रिया का रिकॉर्ड सार्वजनिक चर्चा का आधार होना चाहिए।
रवासन नदी पुल की स्वीकृति से जुड़ा शासनादेश इस परियोजना की वर्तमान स्थिति का दस्तावेजी आधार है, जबकि इसे लेकर राजनीतिक श्रेय का विवाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है। कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत का इस आरोप पर पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।














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