हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार के मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) सभागार में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में राज्य के विकास, औद्योगिक गतिविधियों को सरल बनाने, युवाओं के रोजगार, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती संबंधी नई नियमावली और मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को भी स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट ने हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी। संस्थान को योग एवं ध्यान, आयुर्वेद अनुसंधान, ज्योतिष, ललित कला, हिंदू अध्ययन और आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक-2026 को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी गई। इसके तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और मामूली प्रक्रियात्मक त्रुटियों पर नागरिक दंड एवं प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान प्रस्तावित है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि उपयोग को नियंत्रित करने के लिए उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली-2026 को भी मंजूरी मिली।
———-
सेवामुक्त अग्निवीरों को राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवायोजन के लिए नई क्षैतिज आरक्षण नियमावली को मंजूरी दी गई। नई व्यवस्था में लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं। वहीं, साहस और वीरता दिखाने वाले बच्चों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाने को मंजूरी दी। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं।
हरिद्वार के भगवानपुर क्षेत्र के ग्राम सिसौना में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के लिए पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई में तीन मीटर की शिथिलता दी गई। अब उपलब्ध छह मीटर चौड़े मार्ग के आधार पर परियोजना के तलपट मानचित्र की स्वीकृति का रास्ता साफ होगा। ऊधमसिंह नगर के बाजपुर क्षेत्र में औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने को भी मंजूरी दी गई।
इसके अलावा उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक-2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने, वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने तथा संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकारों से संबंधित व्यवस्था में संशोधन को मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी देते हुए तिथि और स्थान तय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के राज्य के विकास में निरंतर सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया गया।
बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा, खजान दास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा सहित मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन तथा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी दी।














Users Today : 51
Users Yesterday : 316