हरिद्वार। ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से ग्राम्य विकास संस्थान जौलीग्रांट की ओर से विप्रो केयर परियोजना के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादराबाद में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान क्षेत्र के 11 गांवों की 65 आशाओं को रक्तचाप जांच यंत्र वितरित किए गए। आशाओं को इन यंत्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और ग्रामीणों के स्वास्थ्य की प्राथमिक स्तर पर निगरानी करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को रोकने के लिए समय रहते स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान जरूरी है। आशा कार्यकर्ताओं की गांवों में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी आशाओं को अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी और गंभीरता से निभाने की शपथ दिलाई, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने की दिशा में प्रभावी काम किया जा सके।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यशपाल तोमर ने कहा कि ग्राम्य विकास संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में तेलीवाला, जसवावाला, कोटा मुरादनगर, डालूवाला, हजारा ग्रंट, सलेमपुर, अलीपुर, इब्राहिमपुर, आनेकी औरंगाबाद समेत 11 गांवों की आशाएं मौजूद रहीं। इस दौरान ग्राम्य विकास संस्थान के निदेशक डॉ. राजीव बिजल्वाण, रविंद्र वर्मा, क्षेत्रीय पर्यवेक्षक प्राची सैनी, नीटू, तन्नू, तथा विप्रो के वीरेंद्र नेगी, लता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।














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