हरिद्वार। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की इंद्रलोक आवासीय कॉलोनी में पिछले चार दिन से पेयजल संकट बना हुआ है। समरसेबल खराब होने के बाद 400 से अधिक परिवारों और करीब दो हजार की आबादी को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि लोगों को पीने के पानी के साथ खाना बनाने, नहाने, कपड़े धोने और शौचालय के लिए भी पानी जुटाने में परेशानी हो रही है।
इंद्रलोक आवासीय कल्याण समिति के अध्यक्ष नरेश पाल बालियान ने कहा कि सरकारी व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने से लोगों को अपनी जेब से पानी खरीदना पड़ रहा है। निजी टैंकर के लिए 1500 से 2000 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। समिति के उपाध्यक्ष मनोज शुक्ला ने बताया कि कॉलोनी में प्रतिदिन 40 से 50 निजी टैंकर पहुंच रहे हैं। जल संस्थान के कुछ टैंकर भी लगाए गए हैं, लेकिन बड़ी आबादी के लिए व्यवस्था नाकाफी है।
ऊपरी मंजिल पर रहने वाले परिवारों की परेशानी और बढ़ गई है। टैंकर का पानी घर तक पहुंचाने के लिए करीब 300 रुपये अतिरिक्त मशीन का खर्च उठाना पड़ रहा है। यानी पानी खरीदने के बाद उसे घर तक पहुंचाने का खर्च भी लोगों को ही देना पड़ रहा है।
सचिव अनिल वशिष्ठ और मुख्तार सिंह ने कहा कि पेयजल निगम को शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ। नीलम सिंह, कामेश्वर सिंह, सीमा सैनी, रणधीर सिंह, डॉ. देवेंद्र धनगर, प्रेम चंद सैनी, मीनू सैनी, ममता शर्मा, सरदार आरती सिंह और जोगिंदर पाल ने बताया कि कॉलोनी में रोजाना करीब पांच लाख लीटर पानी की जरूरत है। विधायक आदेश चौहान के हस्तक्षेप के बाद अस्थायी बोरवेल कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे करीब ढाई लाख लीटर पानी मिलने की उम्मीद है। लोगों का कहना है कि इससे भी पूरी जरूरत पूरी नहीं होगी और स्थायी समाधान जरूरी है।














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