हरिद्वार। सिडकुल में आयोजित एमएसएमई इकाइयों के संवाद कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के स्टार्टअप और नवाचार आधारित विचार आकर्षण का केंद्र रहे। ग्राम्य विकास एवं एमएसएमई मंत्री भरत सिंह चौधरी ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं, औद्योगिक संगठनों ने विभिन्न समस्याएं उठाईं, जिनके समाधान का मंत्री ने आश्वासन दिया।
जिला उद्योग केंद्र के तत्वावधान में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के अंतर्गत मेसर्स प्योर एंड केयर हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, सिडकुल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा की मौजूदगी में विद्यार्थियों ने अपने नवाचार और स्टार्टअप संबंधी विचार प्रस्तुत किए। मंत्री ने कहा कि कम उम्र से ही उद्यमशीलता को बढ़ावा देना रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में क्लाउड किचन, मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन, सॉफ्ट टॉय और हस्तशिल्प से जुड़े उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए। औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, बिजली और जलापूर्ति की समस्याओं के साथ एमएसएमई नीति-2023 के तहत सब्सिडी मिलने में आ रही दिक्कतों तथा भूमि क्रय के लंबित मामलों को उठाया।
मंत्री ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए नियमानुसार समाधान के प्रयासों का भरोसा दिया। उन्होंने शासन और उद्योग जगत के बीच निरंतर संवाद को औद्योगिक विकास के लिए जरूरी बताया।
कार्यक्रम के समापन पर स्वरोजगार की दिशा में काम कर रही महिलाओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए।














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