हरिद्वार। बहुचर्चित निठारी कांड में न्यायालय से दोषमुक्त हुए सुरेंद्र कोली की मौत को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों ने उसकी मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
करीब 19 वर्ष जेल में रहने के बाद सुरेंद्र हरिद्वार आया था। परिजनों के अनुसार वह यहां अलग-अलग स्थानों पर काम कर अपनी जिंदगी नए सिरे से शुरू करने का प्रयास कर रहा था। वह चाय का काम भी कर रहा था। इसी दौरान उसकी मौत हो गई।
शनिवार को परिजन जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों के पैनल और वीडियोग्राफी के बीच सुरेंद्र का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
परिजनों का कहना है कि जिस स्थान पर सुरेंद्र चाय का काम करता था, वहां की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल हैं। इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर परिवार ने हत्या की आशंका जताई है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
परिजनों ने मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कराने के साथ परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
उधर, सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि सुरेंद्र कोली का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल और वीडियोग्राफी के साथ कराया गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।













Users Today : 173
Users Yesterday : 147