Haridwar। हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने सत्ताधारी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि समुदाय विशेष के लोगों को जानबूझकर चिह्नित कर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह गंभीर और जनहित से जुड़ा मुद्दा है। इस संबंध में मुख्य चुनाव आयुक्त व चुनाव आयोग को ज्ञापन दिया गया है। अगर तब भी कोई कार्रवाई नहीं होती तो वह स्वयं पुलिस थाने में संबंध के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म-7 का इस्तेमाल वैध मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जा रहा है।
रावत के मुताबिक 6 अगस्त को एक, 7 अगस्त को 126, 8 अगस्त को 49 और 9 अगस्त को 331 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 दाखिल किए गए। चार दिनों में यह संख्या 507 पहुंचती है। उनका कहना है कि संबंधित सूची में शामिल कई लोग आज भी अपने मतदान क्षेत्र में रह रहे हैं और पूर्व में मतदान कर चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई तो वह जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना देंगी।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज धनगर ने एक ही व्यक्ति द्वारा कई आवेदन किए जाने को गंभीर विषय बताया। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से मतदाता सूची की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
श्रीधनगर ने निर्वाचन अधिकारियों से प्रत्येक आवेदन का भौतिक सत्यापन कराने और प्रभावित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का अवसर देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच में गलत जानकारी सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान मोहम्मद शफीक, अब्दुल हमीद, मुशर्रफ अंसारी, ताहिर, नदीम अंसारी, रऊफ खान, जहीर, शाहीन, शमा, शाहनवाज, हसीन, जाबिर आदि मौजूद रहे।














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