हरिद्वार। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में पिछले तीन वर्षों से पीएचडी प्रवेश नहीं होने और छात्र सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष शुभम मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर लंबित समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की।
एबीवीपी ने आरोप लगाया कि लंबे समय से पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से शोधार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। परिषद ने तत्काल पीएचडी प्रवेश शुरू कराने की मांग की। साथ ही बीएड में अध्ययनरत विद्यार्थियों की फीस कम करने का आग्रह किया गया।
ज्ञापन में विश्वविद्यालय परिसर की मूलभूत व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए गए। परिसर में साफ-सफाई, पीने के पानी और शौचालय की समुचित व्यवस्था कराने के साथ बिजली व्यवस्था के लिए जनरेटर उपलब्ध कराने की मांग की गई। छात्र-छात्राओं के लिए सामान्य कक्ष और छात्राओं के लिए अलग सामान्य कक्ष उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
छात्राओं की सुविधा के लिए सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन लगाने तथा जैवमितीय उपस्थिति को पाठ्यक्रम के अनुसार विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर समय से उपलब्ध कराने की मांग की गई। छात्रावास से जुड़े शुल्क का मुद्दा भी परिषद ने उठाया।
इकाई अध्यक्ष शुभम मिश्रा ने कहा कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के हितों से जुड़े मामलों को लंबे समय तक लंबित रखना उचित नहीं है। पीएचडी प्रवेश सहित सभी मांगों पर तत्काल निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को शैक्षणिक और मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी न उठानी पड़े।
वहीं कुलपति ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि विद्यार्थियों की ओर से उठाए गए सभी बिंदुओं की गंभीरता से समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।














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