हरिद्वार (पूजा सिंह) मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर झबरेड़ा और रुड़की क्षेत्र में सियासी विवाद गहराता जा रहा है। झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र कुमार जाती और पूर्व मेयर गौरव गोयल ने अलग-अलग मामलों में फर्जी आपत्तियां दर्ज कर पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के प्रयास का आरोप लगाया है। दोनों नेताओं ने एसआईआर प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने और प्रत्येक आपत्ति की निष्पक्ष जांच के बाद ही उसका निस्तारण करने की मांग की।
झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र कुमार जाती ने सढोली स्थित कैंप कार्यालय में पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि फार्म-7 के माध्यम से बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जिन्हें इसकी जानकारी तक नहीं है। उन्होंने एक मामले का हवाला देते हुए दावा किया कि ऐसे व्यक्ति के नाम से हस्ताक्षर कर आपत्ति दर्ज की गई, जिसका एक हाथ नहीं है और जो हस्ताक्षर करने में सक्षम नहीं है। विधायक ने इसे एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल बताया।
विधायक ने दावा किया कि भाजपा से जुड़े 53 बीएलए ने शपथ पत्र देकर आपत्ति दर्ज कराने से इनकार किया है। उनके अनुसार शपथ पत्रों की प्रतियां संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी वैध मतदाता का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटने नहीं दिया जाएगा।
वहीं, पूर्व मेयर गौरव गोयल रविवार को पुराने मकतूलपुरी स्थित प्राथमिक विद्यालय में बूथ संख्या 45 पर पहुंचे और सक्षम अधिकारी के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत आपत्तियों के निस्तारण में भी गड़बड़ी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले यह जांच होना जरूरी है कि आपत्ति किस आधार पर और किसके द्वारा दर्ज की गई है।
दोनों नेताओं ने कहा कि एसआईआर जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रक्रिया पर निगरानी रखने और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने की बात कही गई। साथ ही लोगों से मतदाता सूची में अपना नाम जांचने की अपील की गई। इन आरोपों पर भाजपा की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।














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