हरिद्वार। शिक्षक दिवस पर बहादराबाद में आयोजित जनपद स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षकों के सम्मान के साथ बदलती शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों पर भी मंथन हुआ। उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं, उत्कृष्ट कार्य करने वाले सेवारत शिक्षकों और बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं है। शिक्षक बच्चों के व्यक्तित्व और समाज के भविष्य को आकार देने वाला महत्वपूर्ण व्यक्ति है। बदलते दौर में शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों और नई तकनीक के साथ खुद को लगातार अपडेट करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और राष्ट्रप्रेम विकसित करने पर जोर दिया।
विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने प्राथमिक शिक्षकों को बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने वाला बताया। विधायक आदेश चौहान ने सीमित संसाधनों के बीच सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षक, अभिभावक और समाज के बीच बेहतर समन्वय को जरूरी बताया।
मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बच्चों को रटने के बजाय सोचने, समझने और सवाल पूछने के अवसर देने होंगे। उन्होंने शिक्षकों से नवाचार, तकनीक और स्थानीय संसाधनों का कक्षा शिक्षण में प्रभावी इस्तेमाल करने का आह्वान किया।
शैक्षिक गोष्ठी में डिजिटल शिक्षा, नई शिक्षा नीति और शिक्षक की बदलती भूमिका पर चर्चा हुई। संगठन अध्यक्ष अश्वनी चौहान, मंत्री हेमेन्द्र चौहान और कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार शर्मा ने अतिथियों का आभार जताया। संचालन वीरसिंह पंवार और हेमेन्द्र चौहान ने किया।













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