हरिद्वार। डीएम साहब, टीएचडीसी विकास कॉलोनी सुमन नगर से महज टैंकर लगाकर बारिश का पानी नहीं निकलने वाला है। यहां हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं और अधीनस्थ अधिकारी जमीनी समाधान के बजाय खानापूर्ति में जुटे दिखाई दे रहे हैं। बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस चुका है। बावजूद इसके राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें राहत के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाती नजर आ रही हैं।
सुमन नगर में पिछले करीब एक सप्ताह से जलभराव की समस्या बनी हुई है। राजस्व विभाग की टीम पानी निकालने का प्रयास कर रही है, लेकिन पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण राहत कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। कई स्थानों पर सड़कें पूरी तरह पानी में डूबी हैं। हाल ही में लाखों रुपये की लागत से बनाई गई सड़कें भी लगातार जलभराव के कारण क्षतिग्रस्त होने लगी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी घरों में घुसने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई है। घरों के आसपास लंबे समय से पानी जमा होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी समस्या का स्थायी समाधान निकालने के बजाय सीमित संसाधनों से पानी निकालने की कवायद तक ही सिमटे हुए हैं।
सबसे गंभीर स्थिति यह है कि अधिकारियों को फोन करने के बावजूद लोगों को स्पष्ट जवाब तक नहीं मिल रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब एक सप्ताह से जलभराव की स्थिति बनी हुई है तो प्रशासन ने अब तक पानी की निकासी के लिए पर्याप्त संसाधन और स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं की?
सवाल यह भी है कि आखिर कब तक टैंकरों और अस्थायी इंतजामों के भरोसे सुमन नगर के लोगों को छोड़ दिया जाएगा?













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