POOJA SINGH हरिद्वार। विश्व प्रसिद्ध दरगाह हज़रत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में कथित तौर पर दरगाह का एक कर्मचारी मजार शरीफ पर चढ़ाई गई चादर हटाकर कुछ लोगों को ओढ़ाता दिखाई दे रहा है। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही दरगाह प्रबंधन अथवा उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
वायरल वीडियो के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच दरगाह की परंपराओं और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि मजार शरीफ पर अकीदतमंदों द्वारा चढ़ाई गई चादर को निर्धारित प्रक्रिया के अलावा हटाने की अनुमति नहीं होती। यदि कोई श्रद्धालु ऐसा करने का प्रयास करता है तो उसे रोक दिया जाता है। ऐसे में वीडियो में दिखाई दे रही कथित घटना की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि दरगाह करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। इसलिए यहां लागू नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए। यदि किसी कर्मचारी ने नियमों का उल्लंघन किया है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, जबकि यदि वीडियो भ्रामक या संपादित है तो प्रशासन को भी तथ्य सार्वजनिक कर भ्रम की स्थिति समाप्त करनी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने उत्तराखंड वक्फ बोर्ड और दरगाह प्रबंधन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित समय की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखकर उसकी जांच कराई जाए, ताकि वायरल वीडियो की सत्यता सामने आ सके। लोगों का मानना है कि निष्पक्ष जांच से ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और आस्था से जुड़े इस मुद्दे पर फैल रही चर्चाओं का भी अंत हो सकेगा।














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