हरिद्वार। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्वालापुर में तैनात संविदा चिकित्साधिकारी डॉक्टर के खिलाफ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में मिली शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बिंदुवार जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ता नवीन अरोड़ा की शिकायत पर गढ़वाल मंडल पौड़ी के निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार से प्राप्त अभिलेखों और पूर्व में हुई जांचों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र जारी किया गया है।
विभागीय पत्र में चिकित्साधिकारी डॉ. अंशु सिंह की नियुक्ति और तैनाती से संबंधित अभिलेखों का भी उल्लेख किया गया है। मामले में सबसे पहले आवास किराये से जुड़े प्रकरण की जांच के निर्देश दिए गए हैं। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार मकान किराये की दर टाइप-3 आवास के आधार पर 2350 रुपये निर्धारित थी, जबकि 5 जून 2014 के आदेश में टाइप-4 आवास आवंटित किया जाना दर्ज है। विभाग ने आवास के क्षेत्रफल और शासनादेशों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने, किराये का दोबारा निर्धारण करने तथा लंबित किराये की राशि एकमुश्त जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, निर्धारित चिकित्सा पद्धति से अलग एलोपैथी में उपचार किए जाने की शिकायत को भी जांच में शामिल किया गया है। विभाग ने एलोपैथी उपचार पर तत्काल रोक लगाने तथा जांच आख्या के आधार पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक को स्थानांतरण अथवा अन्य क्षेत्र में तैनाती समेत आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्राचार करने को कहा है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामले में विभागीय स्तर पर दो बार जांच हो चुकी है। एक जांच मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार की ओर से 23 दिसंबर 2025 को की गई थी। इसके बावजूद जांच आख्या के अनुरूप कार्रवाई क्यों नहीं की गई, इस पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। नियुक्ति अधिकारी से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी गई है।














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