हरिद्वार। वर्ष 2022 में मां और उसकी छह वर्षीय बेटी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने चार दोषियों पर दो-दो लाख रुपये और एक दोषी पर डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। अदालत ने पीड़िता को आर्थिक सहायता देने के भी निर्देश दिए हैं।
मामला 24 जून 2022 की रात का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि कलियर क्षेत्र निवासी मां-बेटी के साथ कार सवार युवकों ने दुष्कर्म किया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने महिला और उसकी बेटी को बहाने से अपने साथ लिया और बाद में वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद दोनों को रास्ते में छोड़कर आरोपी फरार हो गए थे। बच्ची की हालत गंभीर होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने रुड़की से मुजफ्फरनगर तक 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस ने घटनाक्रम से जुड़े वाहनों और आरोपियों की पहचान के लिए जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। बच्ची के कपड़ों की फोरेंसिक जांच समेत अन्य साक्ष्यों को भी विवेचना में शामिल किया गया।
पुलिस ने करीब दो माह के भीतर 22 अगस्त 2022 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया था। बुधवार को अदालत ने महक सिंह उर्फ सोनू, राजीव उर्फ विक्की, सोनू तेजियान, सुबोध और जगदीश को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
पीड़िता को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता
अदालत ने दोषियों पर लगाए गए अर्थदंड की राशि में से निर्धारित हिस्सा पीड़िता को देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा मानसिक, सामाजिक और शारीरिक क्षति के लिए पीड़िता को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आदेश दिया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले को मजबूत किया था। चार साल बाद अदालत का फैसला आने पर मामले का निस्तारण हुआ













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