हरिद्वार। भगवानपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत शाहिदवाला ग्रंट में सोलर स्ट्रीट लाइट के नाम पर ग्राम निधि के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। जांच में बिना सोलर स्ट्रीट लाइट लगाए ही जनपद से बाहर की एक फर्म को 1.48 लाख रुपये का भुगतान किए जाने की पुष्टि हुई है। जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने मामले को गंभीर अनियमितता और कदाचार की श्रेणी में मानते हुए ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अनुज शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही जिले की अन्य ग्राम पंचायतों में पिछले छह माह के दौरान लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइटों का भी विस्तृत ब्योरा तलब किया गया है।
ग्राम पंचायत शाहिदवाला ग्रंट में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाए जाने में गंभीर अनियमितता की शिकायत 24 सितंबर को जिला पंचायत राज अधिकारी को प्राप्त हुई थी। इसके बाद 25 सितंबर को जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने ग्राम पंचायत का स्थलीय निरीक्षण कर मामले की जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि ग्राम पंचायत में बिना कोई सोलर स्ट्रीट लाइट लगाए ही जनपद से बाहर की एक फर्म से सोलर स्ट्रीट लाइट स्थापित करना दर्शाया गया और इसके एवज में ग्राम पंचायत निधि से एक लाख 48 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया।
जांच में यह भी सवाल उठाया गया कि जब मौके पर सोलर स्ट्रीट लाइट स्थापित ही नहीं की गई थीं तो ग्राम पंचायत द्वारा जनपद से बाहर की फर्म को ग्राम निधि से किस नियम के तहत भुगतान किया गया। इस संबंध में जानकारी मांगे जाने पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अनुज शर्मा ने बताया कि भुगतान पूर्व जिला पंचायत राज अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा खान के बार-बार दबाव डालने के कारण किया गया था। जांच रिपोर्ट में इस पूरे प्रकरण को गंभीर अनियमितता एवं कदाचार की श्रेणी में माना गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अनुज शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभागीय स्तर पर प्रकरण की आगे जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
इधर, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय को जिले की अन्य ग्राम पंचायतों में भी सोलर स्ट्रीट लाइट की खरीद और भुगतान में निर्धारित नियमों का पालन नहीं होने की शिकायतें मिली हैं। शिकायतों में आरोप है कि कई ग्राम पंचायतों में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर सोलर स्ट्रीट लाइटें खरीदी गईं, जबकि कुछ स्थानों पर बिना लाइट लगाए ही भुगतान किए जाने की बात सामने आई है।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी ने सभी ग्राम पंचायतों से पिछले छह माह में स्थापित की गई सोलर स्ट्रीट लाइटों का पूरा विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। संबंधित ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को निर्धारित प्रारूप में लाइटों की संख्या, लाइट उपलब्ध कराने वाली फर्म का नाम व पता, फर्म का जीएसटी नंबर, प्रति सोलर स्ट्रीट लाइट भुगतान की गई दर और लगाए गए सोलर स्ट्रीट लाइटों के अनुरक्षण व स्थापना संबंधी विवरण उपलब्ध कराना होगा।
विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को 28 सितंबर को अपराह्न तीन बजे तक सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि समय सीमा के भीतर सूचना उपलब्ध नहीं कराने को गंभीर अनियमितता माना जाएगा और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध लिखित कार्रवाई की जाएगी। जिला पंचायत राज अधिकारी ने कहा है कि शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप विभागीय स्तर पर अनियमितताओं के मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी।














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