हरिद्वार। राम मंदिर और बद्रीनाथ धाम से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के बाद अब हरिद्वार के नया हरिद्वार स्थित हरिहर बांके बिहारी मंदिर की चंदा और दान राशि में भी गबन का मामला सामने आया है। मामले में न्यायालय के आदेश पर ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नया हरिद्वार निवासी सुधाकर सिंह ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि नया हरिद्वार वेलफेयर सोसायटी का पंजीकरण 17 नवंबर 2014 से 16 नवंबर 2019 तक पांच वर्ष के लिए था। इसके बाद सोसायटी का न तो चुनाव हुआ और न नवीनीकरण। आरोप है कि इसके बावजूद श्यामबाबू शर्मा, राजीव त्यागी, सुभाष जांगड़ और केदारनाथ वर्मा ने खुद को सोसायटी का पदाधिकारी बताते हुए मंदिर का प्रबंधन संभाल लिया।
तहरीर के अनुसार, मंदिर के रखरखाव और आयोजनों के नाम पर करीब 150 लोगों से प्रतिमाह 500 रुपये लिए जाते थे, जिससे 75-80 हजार रुपये मासिक प्राप्त होते थे। इसके अलावा दान पेटियों से करीब 25 हजार रुपये प्रतिमाह मिलने का भी दावा किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि करीब 16 लाख रुपये बैंक खाते में जमा कर कथित तौर पर गबन किए गए और अन्य रकम भी मनमाने ढंग से खर्च की गई।
18 नवंबर 2025 को हिसाब मांगने पर जानकारी नहीं दी गई। 7 अप्रैल 2026 को लिखित मांग के बावजूद जवाब नहीं मिला। 2 मई को पुलिस और 12 मई को एसएसपी से शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया। न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस अब बैंक खातों, सोसायटी के दस्तावेज और मंदिर की आय-व्यय का रिकॉर्ड खंगाल रही है।














Users Today : 109
Users Yesterday : 361