हरिद्वार। रोशनाबाद स्थित श्री कृष्णा गार्डन कॉलोनी कार्यालय में पुण्यश्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 231वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर ऑल इंडिया धनगर समाज महासंघ उत्तराखंड से जुड़े पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने लोकमाता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके जीवन, संघर्ष, न्यायप्रिय शासन और जनसेवा के कार्यों को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
ऑल इंडिया धनगर समाज महासंघ उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष मनोज धनगर ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर न्याय, सेवा, साहस और सुशासन की अद्वितीय मिसाल थीं। उन्होंने अपने शासनकाल में प्रजा के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। मंदिरों, घाटों, धर्मशालाओं और जनहित से जुड़े कार्यों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के माध्यम से उन्होंने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका जीवन आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत है।
अहिल्याबाई होल्कर का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के चौंडी गांव में हुआ था। पति खंडेराव होल्कर, ससुर मल्हार राव होल्कर और पुत्र मालेराव के निधन के बाद उन्होंने मालवा का शासन संभाला। महेश्वर को केंद्र बनाकर करीब 28 वर्षों तक उन्होंने कुशलतापूर्वक शासन किया। काशी विश्वनाथ मंदिर सहित देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों के विकास में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। 13 अगस्त 1795 को 70 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ।
श्रद्धांजलि देने वालों में प्रदेश महासचिव पवन पाल धनगर, पंकज धनगर, रविंद्र धनगर, मुकेश धनगर, रमेश धनगर, जाहिद, राजपाल, मनीष पाल धनगर, प्रवीण धनगर, मानु धनगर, शिवांक धनगर, दीपक धनगर, प्रदीप धनगर, अजय धनगर, रोशन पाल धनगर, भूप सिंह और सुनील राठी आदि मौजूद रहे।














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