हरिद्वार। फर्जी दस्तावेज और पासपोर्ट से जुड़े मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने योगगुरु आचार्य बालकृष्ण को बरी कर दिया है। अदालत के फैसले के बाद उनके खिलाफ इस मामले में चल रही कानूनी कार्रवाई समाप्त हो गई।
मामला फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और उनके आधार पर पासपोर्ट हासिल करने के आरोपों से जुड़ा था। प्रकरण में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से जांच के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विभिन्न साक्ष्य और दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आचार्य बालकृष्ण को आरोपों से बरी करने का फैसला सुनाया। फैसले के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है। हालांकि, अदालत के फैसले के विस्तृत आधार और मामले से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं की जानकारी आदेश की प्रति सामने आने के बाद और स्पष्ट होगी।













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