हरिद्वार (POOJA SINGH) राजकीय नर्सिंग कॉलेज में तनाव चरम पर पहुंच गया जब पीआरडी जवान अजय रावत ने प्रभारी प्रिंसिपल के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद फैकल्टी और कर्मचारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर उन्हें रोक लिया, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। इसी दौरान दो अन्य पीआरडी जवान पानी की टंकी पर चढ़ने के लिए दौड़े, लेकिन उन्हें भी समझा-बुझाकर रोका गया। घटना से पूरे कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
बुधवार को कॉलेज के कर्मचारियों और फैकल्टी सदस्यों ने प्रभारी प्रिंसिपल सुरेंद्र कुमार वर्मा के खिलाफ लगातार मानसिक उत्पीड़न, अभद्र व्यवहार और अनावश्यक दबाव के आरोप लगाते हुए कार्यबहिष्कार शुरू कर दिया। कर्मचारियों का साफ कहना है कि प्रभारी प्रिंसिपल को कॉलेज से हटाए बिना वे काम पर नहीं लौटेंगे।
कर्मचारियों के अनुसार, पिछले दो वर्षों से जब से सुरेंद्र कुमार वर्मा प्रभारी प्रिंसिपल का कार्यभार संभाल रहे हैं, तब से कॉलेज का माहौल पूरी तरह खराब हो गया है। छोटी-छोटी बातों पर नोटिस जारी करना, अभद्र भाषा का प्रयोग और एक कर्मचारी से कई-कई तरह के काम लेना आम बात हो गई है। इससे कर्मचारी और फैकल्टी सदस्य लगातार मानसिक तनाव में जी रहे हैं। कई कर्मचारियों को मानसिक दबाव के कारण चिकित्सकों और मनोचिकित्सकों से परामर्श लेना पड़ा है।
फैकल्टी सदस्यों ने बताया कि इस प्रताड़ना के कारण कॉलेज के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। छात्र-छात्राओं ने भी प्रभारी प्रिंसिपल के व्यवहार की लिखित शिकायत उच्च अधिकारियों को भेजी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारियों का आरोप है कि यदि समय पर ध्यान दिया जाता तो आज यह स्थिति नहीं आती।
प्रभारी प्रिंसिपल का पक्ष
प्रभारी प्रिंसिपल सुरेंद्र कुमार वर्मा ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वे केवल नियमों के अनुसार काम कर रहे हैं और कर्मचारियों से भी नियमानुसार ही कार्य करा रहे हैं।
विभाग की प्रतिक्रिया
चिकित्सा शिक्षा निदेशक अजय कुमार आर्य ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि पूरा प्रकरण उनके संज्ञान में है। विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं। हालांकि कर्मचारी और फैकल्टी जांच के साथ-साथ प्रभारी प्रिंसिपल को हटाए जाने तक अपना कार्यबहिष्कार जारी रखने पर अड़े हुए हैं।














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