हरिद्वार। हरिद्वार में सामने आए करीब 65 लाख रुपये के अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले की जांच के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है। एसआईटी सीओ सदर एसपी बलूनी के नेतृत्व एवं पर्यवेक्षण में पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करेगी।
एसआईटी में सिडकुल कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रवीण बिष्ट को विवेचक बनाया गया है। टीम में एक अपर उपनिरीक्षक, एक हेड कांस्टेबल तथा दो कांस्टेबल शामिल किए गए हैं। इनमें सिडकुल कोतवाली, रानीपुर कोतवाली और सीआईयू हरिद्वार के पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में वर्ष 2021-22 और 2022-23 के दौरान करीब 900 छात्र-छात्राओं के नाम पर लगभग 65 लाख रुपये की छात्रवृत्ति में अनियमितता के आरोप सामने आए थे। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की तहरीर पर सिडकुल थाने में जिले के 19 शिक्षण संस्थानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार एसआईटी छात्रवृत्ति से जुड़े दस्तावेजों, लाभार्थियों के रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और संबंधित संस्थानों की भूमिका की विस्तृत जांच करेगी। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने निष्पक्ष और समयबद्ध विवेचना के निर्देश दिए हैं।














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