हरिद्वार। जन अधिकार पार्टी जनशक्ति ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। पार्टी ने एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल रोकने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। हरिद्वार में पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर ऐसी प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे बड़ी संख्या में गरीब, दलित, मुस्लिम और प्रवासी मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आजाद अली ने कहा कि चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है और उसकी निष्पक्षता लोकतंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए आयोग के भीतर मतभेदों का दावा किया और कहा कि एसआईआर के नाम पर मतदाताओं के अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल रोकने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म-6 से संबंधित नए दस्तावेजी प्रावधान गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने या संशोधन की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न हों।
राष्ट्रीय महासचिव हेमा भण्डारी ने कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार जनता की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि पार्टी एसआईआर और फॉर्म-6 से जुड़े नियमों के विरोध में आवाज उठाती रहेगी और लोकतांत्रिक तथा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन करेगी।
पार्टी ने तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ 48 घंटे के भीतर कार्रवाई, एसआईआर और फॉर्म-6 के नए नियमों को वापस लेना तथा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित 2023 के कानून को रद्द कर नियुक्ति की वैकल्पिक व्यवस्था लागू करना शामिल है।
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