हरिद्वार। उत्तराखंड पुलिस के निलंबित कांस्टेबल शेर सिंह ने शुक्रवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित कार्यक्रम में मंच से उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पर लगे फीते उतारकर इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई।
मामले पर पुलिस महानिरीक्षक (कुमाऊं) निवेदिता कुकरेती ने बयान जारी करते हुए कहा कि कांस्टेबल शेर सिंह के खिलाफ पहले से आपराधिक मामला दर्ज है। उनके अनुसार, हरिद्वार के कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि गिरोह के साथ उसके संबंध सामने आए हैं। आरोप है कि गिरोह के साथ मिलकर उसने हरिद्वार में एक विधवा महिला की भूमि पर अवैध कब्जा कर उसे फर्जी तरीके से बेचने में भूमिका निभाई।
आईजी के अनुसार, शेर सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि से सितारगंज जेल और रुड़की न्यायालय में कई बार मुलाकात की। आरोप है कि उसने पीड़िता को न्यायालय में पेशी के दौरान गैंगस्टर के सामने ले जाकर उस पर दबाव बनाने का भी प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में हरिद्वार में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। उसे 15 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जबकि 7 नवंबर 2025 को उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई थी। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
बताया गया है कि शेर सिंह मूल रूप से उत्तराखंड पुलिस की पुलिस लाइन पिथौरागढ़ में तैनात था और वर्तमान में निलंबित चल रहा है।














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