हरिद्वार। रविवार को डाक कांवड़ में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि शहर की सड़कें कांवड़ियों की भीड़ से पैक हो गईं। हरकी पैड़ी पर गंगाजल भरने के लिए उमड़ी शिवभक्तों की भारी भीड़ के साथ ही शहर के प्रमुख मार्गों से लेकर आंतरिक गलियों तक कांवड़ियों का रेला नजर आया। चारों ओर भगवा रंग और हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयकारों से धर्मनगरी गूंजती रही। भीड़ बढ़ने के साथ ही नेशनल हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, एंबुलेंस तक लंबी कतार में फंस गई मानों यातायात की रफ्तार थमने लगी।
सुबह से ही हरकी पैड़ी और आसपास के घाटों पर गंगाजल लेने वाले कांवड़ियों का दबाव बढ़ता गया। दोपहर तक स्थिति ऐसी हो गई कि हरकी पैड़ी, अपर रोड, चंडी घाट पुल, ऋषिकुल मैदान, पंतदीप पार्किंग, बैरागी कैंप समेत कई प्रमुख पार्किंग स्थल वाहनों से भर गए। पार्किंग फुल होने के बाद आसपास के मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया। दुपहिया और चारपहिया वाहनों की लगातार आवाजाही से कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही।
कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस और प्रशासन को यातायात व्यवस्था में लगातार बदलाव करना पड़ा। जरूरत के अनुसार कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए गए। शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया, जबकि भीड़ वाले हिस्सों में यातायात का दबाव कम करने के लिए रूट बदले गए। जगह-जगह पुलिसकर्मी यातायात संभालते नजर आए।
हरकी पैड़ी की ओर जाने वाले मार्गों पर पैदल शिवभक्तों का दबाव सबसे अधिक रहा। कांवड़ियों के जत्थे गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। कोई कांवड़ लेकर आगे बढ़ रहा था तो कोई अपने साथियों के साथ बम भोले के जयकारे लगाता दिखाई दिया। भगवा वस्त्रों और कांवड़ियों के सैलाब से पूरी धर्मनगरी भगवामय नजर आई।
वहीं डाक कांवड़ के पहले दिन शहर की पार्किंग और मुख्य मार्गों पर बढ़ते दबाव ने प्रशासन की व्यवस्थाओं की परीक्षा भी ली। हाईवे पर दूर तक वाहनों की कतारें दिखाई दीं। हरिद्वार आने और यहां से बाहर निकलने वाले यात्रियों को कई स्थानों पर यातायात दबाव का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद पुलिसकर्मी लगातार मोर्चा संभाले रहे और भीड़ को व्यवस्थित करने में जुटे रहे।
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