गोपेश्वर। चमोली जिले के पीपलकोटी-मायापुर क्षेत्र में टीएचडीसी की निर्माणाधीन डीआरटी टनल में गुरुवार शाम हुए हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। टनल के भीतर अचानक भारी मलबा और पानी घुसने से काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय करीब 18 से 22 श्रमिक टनल के अंदर बताए जा रहे थे। हादसे के बाद शुरू हुए युद्धस्तरीय रेस्क्यू अभियान में 13 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि तीन श्रमिकों की मौत की सूचना है।
घटना गुरुवार शाम करीब 7:05 बजे हुई। निर्माण कार्य एचसीसी कंपनी करा रही है। बताया गया कि अचानक टनल में मलबा और पानी आने लगा, जिससे अंदर मौजूद श्रमिकों के सामने बाहर निकलने का रास्ता बाधित हो गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन और परियोजना प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद बचाव अभियान तेज कर दिया गया।
सुरक्षित निकाले गए श्रमिकों को तत्काल जिला चिकित्सालय गोपेश्वर पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकीय टीम ने घायलों का उपचार शुरू किया। घायलों में बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों के मजदूर शामिल हैं। एक घायल रोहित पांडे को गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया गया है।
हादसे में मृतकों में प्रदीप पंवार (35), मुकेश और दुर्लभ शर्मा के नाम बताए गए हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान और संख्या की अंतिम पुष्टि की प्रक्रिया जारी है।
टनल के भीतर अभी भी भारी मलबा और पानी बचाव दल के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। फंसे श्रमिकों तक पहुंचने के लिए मशीनों और आधुनिक उपकरणों की मदद से रास्ता बनाया जा रहा है। सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीआईआरएफ, स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ की टीमें संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना है। घटनास्थल पर अतिरिक्त संसाधन भेजे गए हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। उधर, अस्पताल और घटनास्थल के आसपास मजदूरों के परिजन अपनों की सलामती की खबर का इंतजार कर रहे हैं। रातभर चले बचाव अभियान के बीच पीपलकोटी में हर नजर टनल की ओर लगी रही।














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