हरिद्वार। भूपतवाला स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज में सोमवार को 11 सूत्रीय मांगों को लेकर छात्र-छात्राओं का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। कक्षाओं का बहिष्कार कर छात्रों ने श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और हस्ताक्षर अभियान चलाकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के बाद प्राचार्य के माध्यम से राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन भेजा गया।
छात्रों का सबसे बड़ा मुद्दा कॉलेज के जर्जर भवन को लेकर रहा। उन्होंने महाविद्यालय को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के साथ मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों को लेकर भी छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठाए। एनएसएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र जारी करने तथा परीक्षा परिणाम में त्रुटियों के लिए जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग की गई।
छात्रों ने उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन शुल्क को 2500 रुपये से घटाकर 150 रुपये करने, समय सीमा की बाध्यता खत्म करने और शिकायतों का सात दिन के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने की मांग रखी। आरटीआई के तहत उत्तर पुस्तिका की छायाप्रति समय पर उपलब्ध कराने तथा अनुपस्थित दर्शाकर अनुत्तीर्ण किए गए छात्रों के परिणामों की जांच कर सुधार की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरी तरह लागू करने, परीक्षा परिणाम लीक प्रकरण की विशेष जांच कराने और छात्र संघ चुनाव जल्द कराने की मांग उठाई गई।
प्रदर्शन को वरिष्ठ छात्र नेता कपिल शर्मा जौनसारी, रितेश शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता सोमित डे, मनोज निषाद और श्रीरामलीला समिति अध्यक्ष अमित गुप्ता ने समर्थन दिया। मनोज निषाद ने कहा कि पूर्व में भी अधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन भेजे गए, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण छात्रों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
प्रदर्शन में मुस्कान चौधरी, आशीष कुमार, मानसी श्रीवास्तव, आदित्य पांडेय, मानसी गोयल, कोमल यादव, पायल सैनी, तानिया पाल, आदर्श गोयल और अंशु शर्मा समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।














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