हरिद्वार (पूजा सिंह) संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय, महाराष्ट्र के महामना मदन मोहन मालवीय शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की ओर से नई शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत आयोजित अभिमुखीकरण कार्यक्रम में प्रख्यात साहित्यकार प्रोफेसर (डॉ.) दिनेश चमोला ‘शैलेश’ ने ‘भारतीय ज्ञान परंपरा : हिंदी भक्ति काव्य’ विषय पर प्रभावी व्याख्यान दिया। ऑनलाइन आयोजित पुनश्चर्या पाठ्यक्रम में प्रो. चमोला विषय विशेषज्ञ के रूप में शामिल हुए।
व्याख्यान में विज्ञान, इंजीनियरी सहित विभिन्न विषयों के शिक्षक, अधिकारी एवं संकाय सदस्य शामिल रहे। प्रो. चमोला ने भारतीय ज्ञान परंपरा और हिंदी भक्ति काव्य के विविध पक्षों पर विचार रखते हुए इसके साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं ज्ञानपरक महत्व को रेखांकित किया।
प्रो. चमोला विभिन्न साहित्यिक विधाओं में सात दर्जन से अधिक पुस्तकों के लेखक हैं और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर 60 से अधिक पुरस्कारों एवं सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। वे पिछले साढ़े चार दशकों से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी साहित्य, अनुवाद, शब्दावली तथा विभिन्न भाषावैज्ञानिक विषयों पर व्याख्यान देते रहे हैं। विभिन्न शिक्षण एवं साहित्यिक संस्थानों द्वारा उन्हें विषय विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित किया जाता रहा है।
उत्तराखंड से जुड़े प्रो. चमोला की साहित्यिक एवं शैक्षिक उपलब्धियों को प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया गया। विश्वविद्यालय के शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में उनके व्याख्यान को प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया गया।














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