हरिद्वार (पूजा सिंह) स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के बिना गांव-देहात में रक्तदान शिविर लगाकर रक्त एकत्र करने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। सुल्तानपुर और भिक्कमपुर चौकी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दो वाहनों से 27 यूनिट रक्त, 27 खाली ब्लड बैग समेत रक्त संग्रह में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार रविवार को सूचना मिली थी कि कुछ लोग बिना अनुमति रक्तदान शिविर आयोजित कर रक्त एकत्र कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने अलावलपुर तिराहे के पास संदिग्ध दो वाहनों को रोककर तलाशी ली। एक स्विफ्ट कार में आइस बॉक्स के अंदर 27 यूनिट रक्त और 27 खाली ब्लड बैग मिले।
दूसरे वाहन की तलाशी में चार डोनर चेयर, डोनर फॉर्म बुक, रक्त जांच सामग्री, वजन मशीन, 28 प्रमाणपत्र, स्लाइड और हाथ बांधने वाली चार बेल्ट बरामद हुईं। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों द्वारा आवश्यक अनुमति के बिना रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे थे। एकत्र किए गए रक्त को अन्य राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचने के आरोप की भी जांच की जा रही है। मामले में कोतवाली लक्सर में मुकदमा दर्ज किया गया है।
कोतवाल प्रवीण कोश्यारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में अनित सैनी, शुभम कुमार, दुष्यंत कुमार, कावेन्द्र कुमार और दया सिंह शामिल हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने स्थानों पर ऐसे शिविर लगाए गए और एकत्र रक्त को कहां भेजा गया।
स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर सवाल
पुलिस ने जिस गतिविधि का खुलासा किया, उसकी निगरानी की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग से भी जुड़ी है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि गांव-देहात में कथित रूप से बिना अनुमति रक्तदान शिविर चलते रहे और विभाग को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी। पुलिस की कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब यह जांच जरूरी है कि जिले में ऐसे कितने शिविर लगाए गए और विभागीय स्तर पर इनकी निगरानी क्यों नहीं हो सकी।














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