हरिद्वार (पूजा सिंह)भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर 14 अप्रैल 2025 को हरिद्वार के बीएचईएल परिसर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा ‘बाबा साहेब समरसता स्थल’ के निर्माण की घोषणा की गई थी। घोषणा को एक वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद इसके निर्माण को लेकर अपेक्षित कार्रवाई धरातल पर दिखाई नहीं देने पर अब सवाल उठने लगे हैं। इसे लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर घोषणा को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने समरसता स्थल के साथ अनुसूचित समाज के महापुरुषों एवं समाज सुधारकों के नाम पर बहुउद्देशीय भवन बनाने तथा विद्यालयों और महाविद्यालयों में सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा भी की थी। इन घोषणाओं का उद्देश्य नई पीढ़ी को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित अन्य समाज सुधारकों के जीवन, संघर्ष, संविधान और विचारों से परिचित कराना था।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पर्याप्त समय बीतने के बावजूद समरसता स्थल के लिए भूमि चयन, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति, बजट और निर्माण की दिशा में स्पष्ट प्रगति सामने नहीं आई है। इससे समाज के लोगों में निराशा है।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि समरसता स्थल के लिए उपयुक्त भूमि का तत्काल चयन किया जाए। इसके बाद डीपीआर एवं नक्शा तैयार कर प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाए तथा बजट स्वीकृत कर कार्यदायी संस्था निर्धारित करते हुए निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री की घोषणा पर अब तक हुई कार्रवाई की स्थिति रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की गई है। बहुउद्देशीय भवन और शैक्षणिक संस्थानों में सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों से जुड़ी घोषणाओं पर भी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।














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