POOJA SINGH हरिद्वार। पंतदीप पार्किंग स्थित एक ढाबे पर मिलावटी एवं असुरक्षित पनीर बेचने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) संदीप कुमार की अदालत ने ढाबा संचालक एवं खाद्य कारोबारी सागर सैनी को दोषी ठहराते हुए छह माह के कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना जमा नहीं करने पर आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार 26 अप्रैल 2023 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव ने पंतदीप पार्किंग स्थित ढाबे पर निरीक्षण किया। इस दौरान बिक्री के लिए रखा पनीर संदिग्ध प्रतीत होने पर उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत 160 रुपये का भुगतान कर एक किलोग्राम पनीर का नमूना लिया और जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेज दिया।
करीब तीन माह बाद आई प्रयोगशाला रिपोर्ट में पनीर में दूध की निर्धारित वसा मानक से काफी कम पाई गई। साथ ही उसमें बाहरी (विदेशी) वसा की मिलावट की पुष्टि हुई। रिपोर्ट में पनीर को मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित और घटिया गुणवत्ता का घोषित किया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत न्यायालय में अभियोजन चलाया। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने सागर सैनी को दोषी करार दिया। सीजेएम संदीप कुमार ने आरोपी को छह माह के कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।














Users Today : 25
Users Yesterday : 86