देहरादून। (PRAVEEN KUMAR) कर्णप्रयाग में 16 जून को निहंग सिख यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद एवं मारपीट के मामले में गिरफ्तार चारों निहंग सिख आरोपियों को जिला एवं सत्र न्यायालय, चमोली से जमानत मिल गई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिंद्याचल सिंह की अदालत ने शनिवार को सुनवाई के बाद सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं स्वीकार करते हुए उन्हें सशर्त रिहा करने के आदेश दिए।
जमानत पाने वालों में सतविंदर सिंह, अजय सिंह, जसनप्रीत सिंह और मनप्रीत सिंह शामिल हैं। अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो-दो जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त पर रिहाई का आदेश दिया।
यह मामला कोतवाली कर्णप्रयाग में दर्ज एफआईआर संख्या 17/2026 से संबंधित है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी धार्मिक यात्रा पर आए श्रद्धालु थे और घटना के समय उनके साथ भी मारपीट हुई थी। यह भी कहा गया कि चारों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और उन्हें झूठा फंसाया गया है।
अदालत ने केस डायरी और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि प्रथम दृष्टया घटना किसी पुरानी रंजिश का परिणाम नहीं बल्कि अचानक हुए विवाद से जुड़ी प्रतीत होती है। साथ ही अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि आरोपित धाराओं में अधिकतम सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है, इसलिए जमानत दी जा सकती है। घटना 16 जून को कर्णप्रयाग बाजार स्थित कृष्णा पैलेस होटल के पास हुई थी, जब हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंग यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों के बीच कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया था। इस दौरान धारदार हथियार से हमले और कई लोगों के घायल होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने बाद में कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था।














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