हरिद्वार। जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति (डीआरएससी) की बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी और इसके लिए आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में जनपद के 25 चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर प्राथमिकता के आधार पर सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए गए। दुर्घटना संभावित स्थानों पर चेतावनी संकेतक, रोड मार्किंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्पीड ब्रेकर और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय शीघ्र विकसित किए जाएंगे, ताकि हादसों की संभावना कम की जा सके।
बैठक में शिक्षा विभाग को सभी विद्यालयों में सड़क सुरक्षा, हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व तथा यातायात नियमों के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थी स्वयं जागरूक होने के साथ समाज को भी सुरक्षित यातायात के लिए प्रेरित कर सकें।
मुख्य विकास अधिकारी ने परिवहन विभाग और पुलिस को ओवरस्पीडिंग, नशे की हालत में वाहन चलाने, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन संचालन तथा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमित और अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई करने को कहा गया।
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा विभाग को सभी अस्पतालों का पैनल तैयार करने और आवश्यक समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी संबंधित विभागों के साझा प्रयासों से ही दुर्घटनाओं के बढ़ते ग्राफ को कम किया जा सकें।
———-














Users Today : 107
Users Yesterday : 361