दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पिछले कई दिनों से देशभर के छात्र आंदोलन कर रहे थे और प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की थी।
इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। उन्होंने युवाओं की आकांक्षाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी का नैतिक दायित्व है।
प्रधान ने अपने इस्तीफे में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सेवा का अवसर मिलने पर आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कार्य करना उनके लिए सम्मान की बात रही।
उधर, जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन में शामिल रहे। प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे थे। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद भी छात्रों की अन्य मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।














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