POOJA SINGH हरिद्वार। मानसून शुरू होने से पहले जिलाधिकारी मयूर दीक्षित लगातार शहर के नालों-नालियों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और आमजन को बारिश में परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को बार-बार निर्देश देते रहे। हालांकि नगर निगम और अन्य जिम्मेदार विभागों की तैयारियां कागजों तक ही सीमित नजर आईं। लगातार हो रही बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी।
स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित स्वयं बारिश के बीच मैदान में उतरे और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। कई स्थानों पर जलभराव देखकर उन्होंने मौके से ही अधीनस्थ अधिकारियों को फोन कर तत्काल जल निकासी, पंप लगाने और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों, उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जलभराव, सड़क अवरुद्ध होने, भवन क्षति या अन्य आपदा संबंधी सूचना मिलते ही बिना देरी राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाए और इसकी जानकारी जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को दी जाए।
डीएम ने तहसील स्तर के आपदा नियंत्रण कक्षों को भी पूरी तरह सक्रिय रखने तथा प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को प्रभावित क्षेत्रों में टीमों को तत्काल भेजने के आदेश दिए गए हैं। जिलाधिकारी स्वयं जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के माध्यम से पूरे जनपद की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और अधिकारियों से नियमित रिपोर्ट लेकर आवश्यक निर्देश जारी कर रहे हैं।














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