NEWS BY POOJA SINGH हरिद्वार। टिहरी बांध पुनर्वास विकास कॉलोनी सुमननगर के ग्रामीणों ने स्थानीय बिल्डर पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा, फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि बिक्री तथा करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का प्रतिनिधि मंडल सोमवार को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर जिलाधिकारी से जनता दरबार मे मिलने की तैयारी कर रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2015 में पुलिस चौकी के लिए आरक्षित सरकारी भूमि पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इस बिल्डर ने कब्जे का प्रयास किया था। विरोध के बाद ग्रामीणों ने वहां पुलिस चौकी का निर्माण कराया और वर्ष 2019 में दोबारा कब्जे की कोशिश होने पर उसकी बाउंड्री कराई गई। अब जुलाई 2026 में फिर चौकी की भूमि पर निर्माण कार्य शुरू किए जाने का आरोप लगाया गया है।
आरोप यह भी है कि बंदा नंबर 4 और 5 के बीच स्थित सरकारी कच्चे बंधे को काटकर कॉलोनी विकसित की गई, जिससे सरकार को भारी राजस्व हानि हुई। इसके अलावा कई भूखंड तक अनुसूचित जाति वर्ग की भूमि को बिना सक्षम अनुमति के कथित रूप से सामान्य श्रेणी में दर्शाकर रजिस्ट्री कर दी गई।
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग की भूमि पर फर्जी आवंटन कर कॉलोनी बसाने, मुख्य मार्ग के लिए बिना अनुमति रास्ता निकालने तथा जल निकासी के सरकारी नाले को बंद करने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इससे पूरे क्षेत्र की जल निकासी प्रभावित हो रही है। साथ ही सरकारी रिजर्व भूमि पर निजी उपयोग के लिए कब्जा कर लिया गया है। इन सभी शिकायतों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।














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