POOJA SINGH देहरादून। सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में सचिव जलागम दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में जल स्रोतों, धारों-नौलों और नदियों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन को लेकर राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की सातवीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रदेशभर में संचालित नदी पुनर्जीवन, भू-जल पुनर्भरण, धारा-नौला संरक्षण तथा “एक जनपद–एक नदी” योजना की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में बागेश्वर की गरुड़ गंगा नदी और पौड़ी की पश्चिमी नयार नदी के पुनर्जीवन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। गरुड़ गंगा परियोजना पर लगभग 12 करोड़ रुपये तथा पश्चिमी नयार नदी परियोजना पर करीब 48 करोड़ रुपये की कार्ययोजना पर विचार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के सभी 13 जनपदों में एक-एक प्रमुख नदी के वैज्ञानिक आधार पर पुनर्जीवन का कार्य किया जा रहा है। अब तक 13 नदियों के लिए 120 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है।
बैठक में बताया गया कि भागीरथ ऐप के माध्यम से 4,490 जल स्रोतों का मानचित्रण किया गया है तथा 5,775 जल संरचनाओं का डाटा तैयार किया गया है। धारा-नौला संवर्धन योजना के तहत 697 धारा-नौलों की पहचान की गई है, जिनमें पहले चरण में 54 ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के जल स्रोतों के संरक्षण की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में जलागम विभाग के माध्यम से प्रदेशभर में 86 परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है।














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